18 जुलाई 2020 - 17:59
इमारात के क्राउन प्रिंस के ख़िलाफ़ फ़्रासीसी न्यायपालिका ने शुरू कर दी जांच, यमन में गंभीर यातनाएं देने का मुद्दा विश्व स्तर पर उठा

संयुक्त अरब इमारात के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन ज़ाएद के लिए एक परेशानी वाली ख़बर है कि यमन में क़ैदी बनाकर लोगों को यातनाएं देने का मुद्दा फ़्रांस की अदालत में उठा है और बिन ज़ाएद के ख़िलाफ़ जांच शुरू हो गई है।

जेनेवा स्थित मानवाधिकार संगठन ने फ़्रांस में मुहम्मद बिन ज़ाएद के ख़िलाफ़ जांच शुरू होने का स्वागत किया है और अपने बयान में कहा है कि फ़्रांसीसी न्यायपालिका ने यमन में मानवाधिकार का हनन करने वाले सभी पक्षों को बहुत स्पष्ट संदेश दे दिया है और इसके बाद यमन में यातनाओं का निशाना बनने वाले पीड़ितों को हौसला मिलेगा और वह अदालतों में अपना मामला उठा सकेंगे।

कई संगठनों और कार्यकर्ताओं ने यमन में मानवाधिकार के हनन और यातनाएं दिए जाने के मामलों के साक्ष्य जुटाए हैं। यह यातनाएं इमाराती सैनिकों या उनके द्वारा समर्थित यमनी संगठनों ने दी हैं। इसमें यौन उत्पीड़न के गंभीर मामले भी शामिल हैं।

फ़्रांसीसी अदालत के जज ने कहा कि इस मामले में इमारात के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन ज़ाएद सहित सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ जांच होनी चाहिए।

इससे पहले अकतूबर 2019 में बिन ज़ाएद के ख़िलाफ़ जांच शुरू हुई थी। उनके खिलाफ़ नवम्बर 2018 में पेरिस यात्रा के दौरान दो मुक़द्दमे दायर किए गए थे।

आठ यमनी नागरिकों ने पेरिस में मानवता के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में अदालत से जांच का अनुरोध किया है। इन यमनी नागरिकों के वकील जोज़फ़ ब्रीहम ने मीडिया को बताया कि उनके मुवक्किलों को जांच शुरु हो जाने पर बहुत ख़ुशी है।

यमन में इमारात ने कई जगहों पर सैनिक केन्द्र बनाए हैं जहां लोगों को पकड़ कर क़ैदी की तरह रखा जाता रहा है और उन्हें कथित रूप से यातनाएं दी जाती रही हैं।

बिन ज़ाएद यमन की फ़ोर्सेज़ के कमांडर इनचीफ़ हैं इसलिए इस बात की संभावना है कि उन्होंने यातनाओं के उपकरण उपलब्ध कराए और यातनाओं के आदेश जारी किए हैं।